भाईचारा तो बहाना है असली मकसद गजवा हिंद लाना है। । विदेश की बड़ी शक्तियां देश को तोड़ने में दिन-रात कार्य कर रही है। यह भाईचारा का ढोंग रचा कर गजवा हिंद को स्थापित करने का स्वप्न देखती है। भाईचारा उन्हीं से करने की आवश्यकता है जिनसे आपका हृदय और विचार मिलता हो।    :   Pushpendra Kulshrestha


 उठो कब तक सोते रहोगे कब तक बेपरवाह रहोगे जब हाथों से सब कुछ फिसल जाएगा फिर हाथ मल कर क्या पाओगे। हमारी बेपरवाही तथा कुछ ना करने की प्रवृत्ति ने असामाजिक तत्वों को स्वयं पर हावी होने का अवसर दिया है। इस प्रकार मुक दर्शक और सोने का ढोंग रचा कर कुछ हासिल नहीं होगा। आवश्यकता है प्रतिक्रिया देने का स्वयं के ऊपर अन्याय होने न देने का।    :   Pushpendra Kulshrestha


 जो अपने धर्म संस्कृति और अस्तित्व पर विश्वास नहीं रखता उसका कभी मंगल नहीं हो सकता। जिस व्यक्ति को अपने धर्म और संस्कृति पर अविश्वास रहता है , अपने अस्तित्व पर विश्वास नहीं रखता। वह व्यक्ति कभी भी समाज में अपना भला नहीं कर सकता।     :   Pushpendra Kulshrestha


 उन लोगों से सदैव सावधान रहने की आवश्यकता है जो स्वयं का महिमामंडन कर दूसरों को नीचा दिखाने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। । समाज में एक वर्ग , सदैव स्वयं का महिमामंडन कर दूसरों को नीचा दिखाने के लिए प्रयत्नशील रहता है। ऐसे वर्गों से सदैव सावधान रहते हुए उनको वास्तविकता का आईना दिखाने की आवश्यकता है।    :   Pushpendra Kulshrestha